Gandhi Jayanti Par Nibandh – Essay on Gandhi Jayanti in Hindi

क्या आप स्कूल या कॉलेज में पढ़ने वाले एक छात्र हैं और गाँधी जयंती पर निबंध (Essay on Gandhi Jayanti in Hindi) लिखने का काम आपको मिला है. तो फिर ये पोस्ट आपकी पूरी मदद करेगा। इस पोस्ट में मैंने महात्मा गाँधी के जीवन पर 100 , 200 , 300 शब्दों में निबंध लिखकर तैयार किया है।  इसका प्रयोग आप अपने स्कूल और कॉलेज के कार्यक्रम में प्रस्तुत करने के लिए कर सकते हैं. महात्मा गाँधी हमारे देश के सबसे महान लोगो में से एक हैं. इसीसलिए हर वर्ष  2 अक्टूबर को गाँधी जयंती राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में माने जाता है।

राष्ट्रीय त्योहार में से गाँधी जयंती महात्मा गाँधी के जनम दिन के अवसर पर 2 अक्टूबर के दिन पुरे देश के स्कूल , कॉलेज,ऑफिस और सरकारी संस्थानों में मनाया जाता है. हम यहाँ प्रयास कर रहे हैं की स्कूल के बच्चो को उनके स्कूल में गाँधी जयंती पर निबंध लिखने में किसी तरह की समस्या न हो. और वो हर तरह के कार्यक्रम के लिए यहाँ लिखे गए निबंधों का प्रयोग कर सके.

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गाँधी जयंती पर निबंध  (Essay on Gandhi jayanti in Hindi)

भारत विवधताओं का देश है. पुराने समय में भारत देश को सोने की चिड़िया बोलै जाता था. लेकिन बाहरी शाशको ने भारत में आक्रमण कर के कई वर्ष यहाँ पर राज किया। सबसे बुरा हाल अंग्रेज़ों के शासन काल में हुआ. अंग्रेज़ों ने बहुत  वर्षों तक भारत को गुलाम बनाये रखा. और यहाँ के कुछ महापुरुषों ने अंग्रेज़ों से लड़ कर भारत को आज़ाद दिलाई। किसी ने हिंसा का रास्ता चुना तो किसी ने अहिंसा का. अहिंसा के पथ पर चल कर जिन्होंने भारत को आज़ाद कराया उनमे सबसे बड़े महापुरुष थे महात्मा गाँधी। आज हम महात्मा गाँधी जयंती के शुभ अवसर पर उनके जीवन को विस्तार से जानेंगे।

प्रिय छात्रों मैं यहाँ पर प्रयास करूँगा की हर क्लास के बच्चों के लिए उनकी आवश्यकता के अनुसार मैं निबंध दे सकूँ।  इसीलिए जो छोटे निबंध चाहते हैं और जो बड़े निबंध चाहते हैं सभी के लिए अलग अलग लिख के दे रहा हूँ।  इससे आपको खुद मेहनत करने की जरुरत नहीं पड़ेगी। बस आपको जितने शब्दों की आवश्यकता है उतने ही शब्दों वाला निबंध यहाँ से प्रयोग कर सकते हैं.

गाँधी जयंती पर निबंध (Essay on Gandhi Jayanti in Hindi) (100 शब्द)

भारत में गाँधी जयंती राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है. हर साल 2 अक्टूबर को पुरे भारत में इसे एक राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में मनाया जाता है. 2 अक्टूबर को भारत के हर स्कूल,कॉलेज सरकारी दफ्तरों में इसे मनाकर बापू को याद किया जाता है. भारतीय सरकार ने 2 अक्टूबर को राष्ट्रीय अवकाश के रूप में घोषित किया है. इसीलिए पुरे देश में स्कूल और कॉलेज में 2 अक्टूबर के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम किये जाते हैं और महात्मा गाँधी को याद कर के उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है. इस अवसर पर सरकारी कार्यालय , बैंक बंद रहते हैं.

गाँधी जयंती पर निबंध (Essay on Gandhi Jayanti in Hindi) (150 शब्द)

भारत में कुल राष्ट्रीय त्योहार 3 हैं जिनमे से एक राष्ट्रीय त्यौहार गाँधी जयंती के नाम से मनाया जाता है. इसके अलावा आप सभी को पता होगा की स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस हमारे देश में मनाये जाने वाले सबसे बड़े राष्ट्रीय त्योहार हैं।  गाँधी जयंती महात्मा गाँधी के जन्म दिन के अवसर पर मनाया जाता है। जिन्हे राष्ट्रपिता के नाम से भी सम्बोधित किया जाता है।  महात्मा गाँधी ने अहिंसा के पथ पर चल पुरे जीवन अंग्रेज़ों से लड़ाई की ताकि भारत देश को आज़ादी मिल सके। और परिणाम स्वरूप उन्होंने 15 अगस्त 1947 को अपने सभी स्वतंत्रता सेनानियों के साथ मिलकर देश को आज़ाद कराया।

इस तरह उनका नाम भारत के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है। हर साल स्कूल, कॉलेज, और सरकारी दफ्तरों में इस अवसर पर  गाँधी दिवस मनाया जाता है।  और संस्कृत कार्यक्रम के बाद अवकाश दे दिया जाता है।  पुरे भारत में इसे बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है।

गाँधी जयंती पर निबंध (Essay on Gandhi Jayanti in Hindi) (200 शब्द)

भारत में अनेक त्योहार मनाये जाते हैं। अलग अलग धर्म के अनेको त्यौहार भारत के हर हिस्से में मनाये जाते हैं।  लेकिन सिर्फ कुछ ही ऐसे त्योहार हैं जो पुरे भारत में एक साथ मनाया जाता है।  वो त्यौहार भारत के राष्ट्रीय त्योहार हैं और ये पुरे भारत के प्रत्येक लोगो के लिए महत्वपूर्ण है।  स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस को तो सभी जानते हैं इसके अलावा तीसरा राष्ट्रीय त्यौहार गाँधी जयंती है जो महात्मा गाँधी के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है।

भारत लम्बे समय तक अंग्रेज़ों का गुलाम था।  अनेक महापुरुष पैदा हुए जिन्होंने भारत की आज़ादी में अपना योगदान दिया।  अधिकतर ने हिंसा का मार्ग चुना और अंग्रेज़ों से लड़ाई की। महात्मा गाँधी जिन्हे हम प्यार से बापू भी बोलते हैं हैं उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात में हुआ।  उन्होंने निर्णय लिया की वो अंग्रेज़ों के विरुद्ध हिंसा का नहीं बल्कि सत्य और अहिंसा का मार्ग अपनाएंगे और लड़ाई लड़ेंगे।  उनके इस निर्णय में अनेको  दिया और इस तरह उन्होंने अंग्रेज़ों के खिलाफ अनेक आंदोलन किये।  और अन्ततः अंग्रेज़ों को भारतवर्ष को आज़ादी देनी पड़ी.

महात्मा गाँधी को उन के जीवन काल में अनेको संघर्ष करने की वजह से विशेष व्यक्तित्व के रूप में पहचान मिली। उनके भारत के लिए किये गए संघर्ष के लिए विशेष उपाधि दी गयी।  आज उन्हें सभी राष्ट्रपिता के नाम से जानते हैं।  कई लोग उनके बताये मार्ग को आज भी अनुसरण करते हैं।

गाँधी जयंती पर निबंध (Essay on Gandhi Jayanti in Hindi) (250 शब्द)

गाँधी जयंती हर वर्ष 2 अक्टूबर को पुरे भारत में मनाया जाता है। इस दिन महात्मा गाँधी का जन्म हुआ था। जिन्हे हम राष्ट्रपिता के नाम से भी जानते हैं।  उन्हें प्यार से बापू भी बोलते हैं। उनका पूरा नाम मोहन दास करम चंद गाँधी है। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1969 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। वे उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड गए. वहां उन्होंने वकालत की पढाई की।  पढाई कर के वापस आये और फिर भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई में सबसे आगे रहे.  15 जून 2007 संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के तोर पर महात्मा गाँधी के जन्म दिन को ही घोषित किया गया। गाँधी जयंती पुरे भारत राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। ये पुरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

पुरे देश में ये दिन राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में मनाया जाता है और इसीलिए सभी स्कूल कॉलेज और सरकारी दफ्तरों में छुट्टी होती है। गाँधी जयंती  सभी राज्यों और केंद्र शाषित प्रदेशों में मनाया जाता है। ये भारत में मनाये जाने वाले राष्ट्रीय त्योहारों में  से एक है इसके अलावा 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस भी अन्य राष्ट्रीय त्यौहार मनाये जाते है। ये सभी भारतीयों के लिए विशेष महत्व रखता है।  इस दिन विद्यालयों में सांस्कृत कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है और साथ ही कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।  गाँधी जयंती  पर चित्रकला, कविता पाठ, कवीज़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। इस के बाद प्रतियोगिता के विजेता को  जाता है।

भारत की आज़ादी में महात्मा गाँधी का विशेष योगदान था। उन्होंने अंग्रेज़ों के खिलाफ अनेक आंदोलन किये। असहयोग आंदोलन , नमक सत्याग्रह आंदोलन, दांडी मार्च  और भारत छोडो आंदोलन का नेतृत्व की और फलस्वरूप 15 अगस्त 1947 को भारत को आज़ादी मिली।  इसके लिए उन्होंने अहिंसा का मार्ग अपनाया और उनका साथ सभी देशवासियों ने भी दिया। उनके साथ कंधे से कंधा मिला कर उनके हर आंदोलन में उनका साथ दिया। इस स्वतंत्रता को दिलाने में महात्मा गाँधी का एक विशेष योगदान था।  उन्होंने सत्य और अहिंसा के पथ पर चलकर अंग्रेज़ों को भारत छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया। उनका पूरा जीवन उन्होंने भारत के लिए न्योछावर कर दिया

गाँधी जयंती पर निबंध (Essay on Gandhi Jayanti in Hindi) (300 शब्द)

3 राष्ट्रीय त्योहारों में गाँधी जयंती भी एक ख़ास महत्व रखता है। महात्मा गाँधी के जन्म दिवस को गाँधी जयंती के रूप में पुरे भारत वर्ष में मनाया जाता है। हर साल 2 अक्टूबर को महात्मा गाँधी के जन्म अवसर पर गाँधी जयंती के दिन उनको विशेष श्रंद्धाजलि दी जाती है। वो एक महँ देशभक्त नेता थे जिन्होंने सदैव अहिंसा का दामन थामे रखा। सत्य और अहिंसा के पथ पर चलकर उन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में नेतृत्व किया। उन्हें राष्ट्रपिता की उपाधि दी गई और प्यार से उन्हें लोग बापू भी कह के बुलाते हैं।

भारत बहुत लम्बे समय तक अंग्रेज़ों की गुलामी में था और इस के कई क्रांतिकारियों ने उनके खिलाफ मोर्चा संभाला। अधिकतर ने हिंसा के मार्ग में चल कर अंग्रेज़ों से लड़ाई की. लेकिन महात्मा गाँधी ने आवाज़ उठाई की अगर अंग्रेज़ों से आज़ादी चाहिए तो इस का एक मात्रा रास्ता सत्य और अहिंसा है।  उन्होंने सभी को बताया की सत्य और अहिंसा के पथ पर चलकर ही देश को आज़ाद कराया जा सकता है। इस पर उन्हें पुरे देश के लोगों का सहयोग मिला। उन्होंने अंग्रेज़ों के खिलाफ अनेक आंदोलन किये और अंग्रेज़ों के शासन की ईंट बजा दी। इसके लिए वो कई बार जेल भी गए। फिर भी उन्होंने सत्य और अहिंसा का मार्ग कभी नहीं छोड़ा। वो हमेशा सामाजिक समानता में विश्वास रखते थे इसीलिए अपृश्यता के सख्त खिलाफ थे।

गाँधी जयंती के उपलक्ष में राजघाट स्थित उनकी समाधि में राष्ट्रपति,प्रधानमत्री और बड़े अधिकारी जाते हैं। उनकी समाधि को फूलों से सजाया जाता है और इस महान नेता को विशेष श्रद्धांजलि दी जाती है। समाधी पर सुबह के टाइम धार्मिक प्रार्थना भी राखी जाती है। गाँधी जयंती को पुरे देश राष्ट्रीय उत्सव के रूप में मनाया जाता है।  स्कूल और कॉलेज में महात्मा गाँधी पर आधारित नाट्य ड्रामा, भाषण, गायन का आयोजन किया जाता है। उनकी याद में विद्यार्थियों के द्वारा उनके सबसे प्रिय गीत रघुपति राघव राजा राम गाया जाता है। इस दिन सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी को पुरुष्कृत किया जाता है। दुनिया के हर देश महात्मा गाँधी को उनके हिंसक विचारो के लिए जाना जाता है।

गाँधी जयंती पर निबंध (Essay on Gandhi Jayanti in Hindi) (400 शब्द)

महात्मा गाँधी भारत के सबसे महापुरुष थे। वो मानवता के रक्षक कहे जाते हैं।  वो दिन दुखियों के सहायक और अहिंसा के समर्थक थे।  स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व करने में सबसे बड़ी भूमिका गाँधी जी ने निभाया।  वो  समझने वाले महान संत थे। इस महापुरुष के जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। महात्मा गाँधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी है। इसी दिन को हम गाँधी जयंती के रूप में मानते हैं. महापुरुषों का जनम कभी कभी होता है। उनका जन्म हर साल इसी तरह राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में मनाया जाता है।

2 अक्टूबर हर साल सभी भारतीयों के लिए एक विशेष महत्वा रखता है। ये दिन महात्मा गाँधी के व्यक्तित्व की विशेषताओं की याद दिलाता है। इस दिन लोग महात्मा गाँधी को याद करते हैं। उनको विशेष श्रद्धांजलि दी जाती है। इसके लिए दिल्ली के राजघाट पर महात्मा गाँधी के समाधि स्थल पर बड़ी संख्या में लोग आते हैं। प्रधानमत्री, राष्ट्रपति और बड़े लोग इस दिन राजघाट पर आकर उनको श्रद्धांजलि देते हैं उन्हें नमन करते हैं. इस अवसर पर गाँधी जी के लिए विशेष भजन गायन का आयोजन किया जाता है क्यों की महात्मा गाँधी को भजन बहुत पसंद था। उनके अनुसार राम में रहीम और रहीम में राम बास्ते हैं।  भजन के दौरान उनके इन्ही विचारों को याद किया जाता है।

गाँधी जयंती के अवसर पर देश भर में अवकाश रहता है। इस दिन लोग गाँधी जी के आदर्शों का स्मरण करते हैं। उनकी याद में लोग चरखा चलाकर उनको स्मरण करते हैं। भारत के अनेक भागों में उनकी याद में कहीं कड़ी के वस्त्रों तो कहीं हथकरघे के वस्त्रों की प्रदर्शनी लगते हैं। कई जगह सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।  उन कार्यक्रमों में विद्यार्थी भाग लेकर अपने हुनर का प्रदर्शन करते हैं। इस दिन वृछारोपण का आयोजन भी किया जाता है। कहीं गाँधी जी के विचारी की मंचन की जाती है तो कहीं गृहउद्योगों में बनी वस्त्रों की प्रदर्शनी लगती है। भारत के भागो सर्व धर्म सम्मलेन किये जाते हैं. रेडियो और टेलीविज़न में गाँधी जयंती पर आधारित कार्यक्रम चलाये जाते हैं. और उन पर आधारित फिल्मो को प्रसारण भी किया जाता है। इस दिन ब्लडबैंक जाकर लोग रक्तदान करते हैं।

महात्मा गाँधी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं हैं बल्कि एक जीवन दर्शन का नाम है। महात्मा गाँधी का जन्म एक ऐतिहासिक पल था जब भारत में को अहिंसा और सत्य की मार्ग पर चलने वाला महान व्यक्ति का जन्म हुआ था। महात्मा गाँधी की गिनती विश्व के महान लोगो में की जाती है। उनके जन्म दिन को यानि 2 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में पुरे विश्व में मनाया जाता है। ये दिन अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

अंतिम राय

मुझे उम्मीद है की सभी स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों को ये गाँधी जयंती पर निबंध (Essay on Gandhi jayanti in Hindi ) पसंद आया होगा। और आप भी इस गाँधी जयंती के अवसर पर इन निबंध की सहायता से अपने स्कूल और प्रोग्राम में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा ले सकेंगे। और अपने हुनर का प्रदर्शन कर लोगो के सामने महात्मा गाँधी की सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने के विचार को बता सकेंगे। हर साल 2 अक्टूबर एक राष्ट्रीय दिवस के रूप में पुरे देश  में बड़े उत्साह से माने जाता है। आप सभी छात्रों को ये निबंध गाँधी जी की ज़िन्दगी के हर पहलु को लोगों के सामने रखने में मदद करेगा।

प्रिय छात्रों अगर ये निबंध आप सभी को पसंद आया हो तो आप इस पोस्ट को सभी दूसरे विद्यार्थियों के साथ शेयर कर सकते हैं। इससे हमारे पोस्ट को भारत के हर हिस्से के विद्यार्थियों तक पहुँचने में मदद मिलेगी। सभी विद्यार्थियों को गाँधी जयंती पर निबंध से उनकी ज़िन्दगी के बारे में बहुत सी जानकारी मिल जाएगी ।

Gandhi Jayanti Par Nibandh – Essay on Gandhi Jayanti in Hindi
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